गया जी/– राष्ट्रपिता महात्मा गांधी एवं पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न लाल बहादुर शास्त्री जी की जयंती के अवसर पर गया जी में एक विशेष सभा का आयोजन किया गया। यह सभा भारतीय राष्ट्रीय ब्राह्मण महासभा एवं कौटिल्य मंच के संस्थापक डॉ. विवेकानंद मिश्र जी के आवास पर आयोजित हुई। सभा में दोनों महान विभूतियों के जीवन, उनके विचारों, राष्ट्र के प्रति उनके योगदान तथा वर्तमान पीढ़ी के लिए उनकी प्रासंगिकता पर विस्तारपूर्वक चर्चा की गई।
सभा को संबोधित करते हुए डॉ. विवेकानंद मिश्र जी ने कहा कि महात्मा गांधी का जीवन सत्य, अहिंसा, त्याग और आत्मानुशासन के मूल्यों पर आधारित था। उनके दिल औरों के लिए संवेदित होते धड़कते थे।निःसंदेह ऐसे युगपुरुष जिन्होंने भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन को जनसामान्य से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और सत्य तथा अहिंसा को सामाजिक एवं राजनीतिक संघर्ष का माध्यम बनाया। गांधी जी का जीवन आज भी समाज को सत्य के मार्ग पर चलने, आत्मसंयम रखने और सामाजिक सद्भाव बनाए रखने की प्रेरणा देता है।
डॉ. विवेकानंद मिश्र जी ने लाल बहादुर शास्त्री जी के जीवन और व्यक्तित्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि शास्त्री जी सादगी, ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्रसेवा के प्रतीक थे। अत्यंत सामान्य जीवन से देश के सर्वोच्च राजनीतिक पद तक पहुंचने के बावजूद उन्होंने सादगी और विनम्रता को अपने जीवन का आधार बनाए रखा। उनका सार्वजनिक जीवन यह संदेश देता है कि पद से अधिक महत्वपूर्ण व्यक्ति का चरित्र, कर्तव्य और राष्ट्र के प्रति समर्पण होता है।
सभा में आचार्य सचिदानंद मिश्र जी ने भी दोनों महापुरुषों के जीवन पर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री के जीवन में अनेक ऐसे मूल्य दिखाई देते हैं जो आज के समाज के लिए भी महत्वपूर्ण हैं। सत्यनिष्ठा, अनुशासन, त्याग, सादगी और राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी जैसे आदर्श किसी भी समाज को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
आचार्य सचिदानंद मिश्र जी ने कहा कि महापुरुषों की जयंती मनाने का उद्देश्य केवल उनके चित्र पर पुष्प अर्पित करना नहीं होना चाहिए। उनके जीवन और विचारों को समझना तथा अपने आचरण में उनके अच्छे मूल्यों को अपनाना ही उनके प्रति वास्तविक सम्मान है। उन्होंने विशेष रूप से युवाओं से आग्रह किया कि वे अपने देश के इतिहास और स्वतंत्रता संग्राम के मूल्यों को समझें तथा समाज और राष्ट्र के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करें।
सभा में उपस्थित लोगों ने महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री जी के चित्र पर श्रद्धासुमन अर्पित कर उन्हें नमन किया। उपस्थित लोगों ने उनके आदर्शों को स्मरण करते हुए सत्य, अहिंसा, सादगी, ईमानदारी और राष्ट्रसेवा के मूल्यों को अपने जीवन में अपनाने का संकल्प लिया। महात्मा गांधी एवं लाल बहादुर शास्त्री जयंती का यह अवसर देश के दो महान व्यक्तित्वों को स्मरण करने के साथ-साथ उनके विचारों की वर्तमान प्रासंगिकता को समझने का अवसर भी प्रदान करता है। गया जी में आयोजित यह सभा इसी भावना के साथ संपन्न हुई और दोनों महापुरुषों के प्रति श्रद्धा एवं सम्मान व्यक्त किया गया।
आज इस समारोह में जिन पर मुख व्यक्तियों ने अपने विचार व्यक्त किए उनमें संदीप मिश्रा मोहम्मद याहिया आरिफ नम्रता ओझा पंडित बालमुकुंद मिश्रा आचार्य सुनील पाठक महेश मिश्रा संजय वैद्य डॉक्टर रविंद्र कुमार प्रोफेसर सुनील कुमार मिश्र दिलीप कुमार नीरज मिश्र रणजीत मिश्रा अनुपम मिश्रा मेघा मिश्रा दीपक पाठक रंजीत पाठक पवन मिश्रा प्रेरणा मराठे विश्वजीत सुनीता देवी रजनी चावला किरण पाठक चंद्रभूषण डॉक्टर अच्युत अनंत मराठे ऋषिकेश शंभू गुर्दा पंडित अजय मिश्रा ज्ञानेश भारद्वाज राजीव नयन पांडेय रूबी कुमारी नीरू कुमारी रितिक कुमार टिंकू कुमार अविनाश कुमार सीता देवी पुतुल कुमारी दीपक कुमार ओझा शिव जी मनीष कुमार शंभू गिरी नुसरत जहां रंजन पांडे नीरज वर्मा चंद्रमौली मिश्रा कुंदन मिश्रा अजय मिश्रा सुनील कुमार अभय कुमार सिंह पूजा कुमारी धीरज कुमार पुष्पा देवी ममता कुमारी मुन्नी कुमारी के अलावा कई लोग मौजूद थे।
रिपोर्ट:- प्रियांशु मिश्रा









