पटना /- गंगा और पुनपुन नदी के उफान से बाढ़ की स्थिति अत्यंत गंभीर हो चुकी है। भारी जलभराव के कारण पटना-गया रेलखंड पर ट्रेनों का परिचालन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। पुनपुन घाट स्थित रेलवे पुल संख्या-21 के गार्डर और डाउन ट्रैक तक बाढ़ का पानी पहुंच जाने के कारण सुरक्षा के लिहाज से 10 मेमू (MEMU) ट्रेनों को रद्द कर दिया गया है और डाउन लाइन पर ट्रेनों के परिचालन को रोक दिया गया है।
रेल यातायात पर असर ट्रेनें रद्द: पटना-गया रेलखंड पर चलने वाली कम से कम 10 मेमू ट्रेनें पूरी तरह रद्द कर दी गई हैं। रूट डायवर्जन: रेल पटरियों पर पानी चढ़ने के कारण कई महत्वपूर्ण ट्रेनों को वैकल्पिक मार्गों से डायवर्ट कर चलाया जा रहा है।डाउन लाइन बंद: पुल संख्या-21 के पास रेलवे ट्रैक जलमग्न होने के कारण डाउन लाइन पर परिचालन को अगले आदेश तक स्थगित रखा गया है।नदियों का जलस्तर और प्रभावित इलाके खतरे के निशान से ऊपर: केंद्रीय जल आयोग के अनुसार, पुनपुन नदी श्रीपालपुर और आसपास के इलाकों में खतरे के निशान से 2 मीटर से भी अधिक ऊपर बह रही है। गांवों में तबाही: ग्रामीण पटना के धनुकी, महुआ बाग, सलारपुर और गौरीचक पुलिस स्टेशन के तहत आने वाले कई निचले तटीय गांवों में 7 से 8 फीट तक पानी भर गया है। शहरी और तटीय घाट: पटना सिटी के भद्र घाट, महावीर घाट और कंगन घाट के पास की सड़कों और घरों में बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है।प्रशासन की तैयारी और सुरक्षा उपाय Barricading और पुलिस अलर्ट: घाटों की ओर जाने वाले रास्तों पर बैरिकेडिंग कर दी गई है। पुलिस और प्रशासन की टीमें लगातार गश्त लगाकर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की चेतावनी दे रही हैं। राहत शिविर: प्रभावित लोगों के लिए कम्युनिटी किचन (सामुदायिक रसोई), मेडिकल टीमें और राहत शिविर संचालित किए जा रहे हैं।
रिपोर्ट/- अर्णव आर्या










